करनाल, 16 दिसंबर (Janta Breaking News) जिला सैनिक व अर्धसैनिक कल्याण विभाग द्वारा मंगलवार को सैनिक विश्राम गृह के सभागार में महान विजय दिवस के मौके पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त उपायुक्त सोनू भट्ट ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और कार्यक्रम में उपस्थित युद्ध वीरांगनाओं को सम्मानित किया।
अतिरिक्त उपायुक्त सर्वप्रथम शहीदी स्मारक पर पहुंचे। यहां उन्होंने वीर शहीदों को नमन करते हुए शहीदी स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वहां मौजूद पूर्व सैनिकों ने भी शहीदों के चरणों में अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके उपरांत जिला सैनिक व अर्धसैनिक कल्याण विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने युद्ध वीरांगनाओं को सम्मानित किया।
इस मौके पर संबोधित करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त सोनू भट्ट ने कहा कि आर्मी के अनुशासन व देश भक्ति के आदर्शों का आमजन को अनुसरण करना चाहिए ताकि युवा पीढ़ी को भी अनुशासन व राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा मिल सके। उन्होंने कहा कि मुझे यह बताते हुए गर्व महसूस हो रहा है कि वे भी आर्मी परिवार से हैं और बचपन से ही आर्मी के प्रति उनके जहन में विशेष सम्मान है। वे स्वयं भी एक सैनिक बनकर देश सेवा करना चाहते थे। उन्होंने बताया कि यह दिवस सन् 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान के युद्ध में प्राप्त महान विजय की स्मृति के क्षणों को ताजा करने व अपनी महान सशस्त्र सेनाओं के प्रति अपना प्यार व उनके बलिदान को याद करने के लिए मनाया जाता है।
उन्होंने बताया कि आज से ठीक 54 वर्ष पूर्व स्वतंत्र भारत की सशस्त्र सेनाओं ने गौरवमय इतिहास का सबसे सुंदर स्वर्णिम पृष्ठ लिखा था। आज के ऐतिहासिक दिन 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तानी सेना के 93000 सैनिकों ने अपने अस्त्र-शस्त्रों के विपुल भंडार सहित अपने कमांडर जनरल ए ए के नियाजी सहित भारतीय सेना के सम्मुख ढाका में आत्मसमर्पण किया था। कितने गौरवमय थे वे क्षण जब भारत की प्रतिष्ठा अपनी चरम सीमा को छू रही थी। एक स्वतंत्र व प्रभुत्व संपन्न राष्ट्र बांग्लादेश का जन्म हो चुका था। इतनी बड़ी जीत के पीछे हमारी सशस्त्र सेनाओं की अभूतपूर्व वीरता, बलिदान व शौर्य की गौरव गाथा है। यह युद्ध देश ने शांति और न्याय के लिए लड़ा था। महज 13 दिन में जीत हासिल कर ली थी। यह युद्ध 3 दिसंबर को शुरु हुआ था और 16 दिसंबर को महान विजय हासिल कर ली थी। उन्होंने भारत के सभी शहीदों को याद करते हुए उनके चरणों में नमन किया। इस मौके पर उन्होंने सैनिक परिवारों की समस्याओं को सुना और आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन सैनिक परिवारों की हर समस्या को प्राथमिकता पर हल करेगा।
इस मौके पर वेलफेयर आफिसर एवं सचिव कर्नल ओपी शर्मा ने मुख्य अतिथि व अन्य अतिथियों का स्वागत किया और आश्वस्त किया कि भूतपूर्व सैनिकों, युद्ध वीरांगनाओं व उनके आश्रितों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। सरकार द्वारा उनके लिए चलाई जा रही योजनाओं का समय पर लाभ पहुंचाया जाएगा। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने स्वागत व देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए और शहीदों को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में ब्रिगेडियर रणधीर सिंह, कर्नल बी एस बिंद्रा, कर्नल राजबीर सिंह, कर्नल राजेंद्र सिंह, कर्नल संदीप कपूर, कर्नल जे पी सिंह, ग्रुप कैप्टन प्रमोद, कमांडर एस एस मान, अनिल कुमार कथूरिया, मुकेश कुमार, प्रवीन, कुलदीप, रमेश, बृजपाल, कमलजीत, सूबेदार आजाद सिंह, सूबेदार सुरेंद्र सिंह, नीरज कपूर, पवन मलिक व अन्य पूर्व सैनिक मौजूद रहे।
ये युद्ध वीरांगनाएं हुईं सम्मानित
महान विजय दिवस कार्यक्रम में युद्ध वीरांगना ओमपति देवी पाढा, मनभरी देवी बड़थल, कृपाल कौर असंध, सरबजीत कौर जुंडला, सावित्री देवी राहड़ा, जसबीर कौर निगदू, सरोज देवी कोहंड, जसबीर कौर आरके पुरम करनाल, सुनहरा देवी बड़ौता, प्रकाशवती ब्रास, राजबती देवी बजीदा जाट्टान, दलजीत कौर काछवा, उर्मिला देवी कुरलन, सुमनलता कल्हेड़ी, शालू ब्रास, रमनप्रीत कौर रंबा, अरूणा रानी डींगर माजरा, रेशमा देवी बस्सी अकबर पुर, सुदेश देवी शक्ति पुरम करनाल और पूनम खेड़ी मान सिंह को सम्मानित किया गया।